Wednesday, 3 June 2020

हरियाणा के मेवात में होती पाकिस्तान से भी ज्यादा भयानक हालात हिन्दुओं का "खासकर दलितों" का बना कब्रिस्तान, 108 गांव हुए हिंदू विहिन

हरियाणा के मेवात में होती पाकिस्तान से भी ज्यादा भयानक हालात हिन्दुओं का "खासकर दलितों" का बना कब्रिस्तान, 108 गांव हुए हिंदू विहिन :

मेवात में: सार्वजनिक रूप से हिंदुओं का कत्लेआम अब आम बात है, और वहां आए दिन हिंदुओं की बहन और बेटियों के साथ दुर्व्यवहार और बदसलूकी की जाती है। हिंदुओं का जबरन धर्म परिवर्तन हो रहा है। हिंदुओं की बहनें बेटियों को उठा कर ले जातें हैं, उनके साथ बलात्कार होता है, उन्हें धमकाया जाता है। जान से मारने की धमकी दी जाती है। जब वे कुछ कहते हैं या विरोध करते हैं, तो वे हिंदुओं के घरों में तोड़फोड़ करते हैं और उनकी पिटाई करते हैं, यहां तक ​​कि विधवाओं को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। 

प्रेस विज्ञप्ति: इस संदर्भ में, जस्टिस पवन कुमार वहां पहुंचे और इस पूरे मामले की छानबीन की और उन्हें जानकारी मिली कि हिंदुओं के साथ वहां किस तरह की ज्यादती हो रही है, जिसके संबंध में उन्होंने मीडिया के सामने एक रिपोर्ट रखी है। जो दर्शाता है कि आज हरियाणा के मेवात में हिंदुओं की संख्या 108 गांवों से गायब हो गई है और 84 गांवों में हिंदुओं के केवल चार-पांच घर बचे हैं। इसके संदर्भ में, "विहिप" शुरू से ही सरकार और प्रशासन से कार्रवाई करने की मांग कर रहा है और सरकार से हिंदुओं की सुरक्षा के लिए भी अनुरोध कर रहा है। "विनोद बंसल विहिप महासचिव" ने भी इस पूरे मामले की जानकारी ट्वीट की और इस पूरे विषय की जानकारी सबके सामने रखी। 


मेवात में हिंदुओं पर जिस तरह के अत्याचार हो रहे हैं, वे शायद पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं के समान हो सकते हैं। आज की ऐसी घटना को देखकर यह स्पष्ट रूप से मुझे कश्मीर की घटना की याद दिलाता है। कैसे कश्मीरी पंडितों को कश्मीर में इस्लामिक आतंकवादी समुदाय द्वारा बेरहमी से कत्ल किया जा रहा था और उनकी बहन बेटियों को उनके घरों से खींचकर उनके साथ बलात्कार किया जा रहा था। क्या आपको याद है वह घटनाक्रम जब हिन्दुओं को उनके ही घर से बेघर कर दिया गया था। क्या आपको याद है, वह चीखें जब कश्मीर में हिन्दुओं का सरेआम कत्लेआम चल रहा था। सरकार तब भी सोई थी सरकार अब भी सोई है और सबसे बड़ी समस्या तो यह है कि हिंदु अब भी सोया हुआ है। अभी भी इन कट्टरपंथी मुसलमानों कि इन हरकतों देखते हुए भी, कोई भी अभी तक सही रूप में अपना विरोध दर्ज कराने सामने नहीं आ रहा है। सिर्फ कुछ हिन्दुत्व पार्टियाँ ही है जो सामने आकर अपना आपत्ति दर्ज कराता है और विरोध करता है। अब उन सभी धर्मनिरपेक्षता के ठेकेदारों का उपवास शुरू हो गया है। दलितों के दूत कहां हैं। क्या कभी कोई इस विषय पर चर्चा करेगा या नहीं। क्या कोई अब दलितों को इन्साफ दिलाएगा। मेरी सलाह: हिन्दुओं अब भी वक्त है जाग जाओ वर्ना देर हो जाएगा। अगर कुछ कर नहीं सकते तो, जो कर रहे हैं उनकों तो आप सपोर्ट कर ही सकते हैं। और इन जिहादी आतंकवादी लोगों से बच के रहें और सचेत रहें और जागे और अपने हक के लिए लड़े, अपने धर्म के लिए लड़े, भारत देश के लिए लड़े, अगर अब भी नहीं जागे तो वह वक्त दूर नहीं जब भारत से भी आपको भगा दिया जाएगा। पहले कश्मीर, फिर केराना, अब मेवात इसी तरह की नई नई घटना सामने आती रहती है जो हमे समझना चाहिए कि ये कट्टरपंथी आतंकवादी लोग किस तरह की साजिश को शिश कर रहे हैं। 

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