Saturday, 30 May 2020

30 जून तक के लिए बढ़ाया गया LOCKDOWN, गाइडलाइंस जारी, जानें क्या खुलेगा, क्या बंद रहेगा

देश में लॉकडाउन को 30 जून तक के लिए बढ़ा दिया गया है. सरकार ने गाइडलाइंस जारी कर दी है.

नई दिल्ली: गृह मंत्रालय ने शनिवार को देश के कंटेनमेंट जोन में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन 30 जून तक बढ़ाने की घोषणा की. साथ ही कहा कि आठ जून से हॉस्पिटैलिटी सर्विस, होटलों और शॉपिंग मॉल को खोलने की अनुमति होगी. केंद्र ने लॉकडाउन में और अधिक छूट संबंधी शनिवार को जारी नए दिशा-निर्देशों को लॉकडाउन हटाने का प्रथम चरण (अनलॉक 1) बताया है. देश में 25 मार्च से जारी राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का चौथा चरण 31 मई को समाप्त हो रहा है. 

लॉकडाउन तीन चरणों में होगा. ग्रीन, रेड और ऑरेंज जोन की कैटेगरी को खत्म करके सिर्फ एक जोन होगा. यह जोन कंटेनमेंट जोन होगा. कंटेनमेंट जोन में फिलहाल कोई छूट नहीं मिलेगी. 8 जून से सभी धार्मिक स्थलों को खोला जा सकेगा. मास्क लगाना जरूरी है.  

दिशा-निर्देश में कहा गया है कि सार्वजनिक धार्मिक स्थलों, होटलों, रेस्तरां, शॉपिंग मॉल और अन्य आतिथ्य सत्कार सेवाएं भी आठ जून से शुरू हो जाएंगी. केन्द्रीय गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशों में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा, मेट्रो ट्रेनों, सिनेमा हॉल, जिम, राजनीतिक सभाओं आदि को शुरू करने का निर्णय परिस्थितियों का आकलन करने के बाद लिया जाएगा. 

दिशा-निर्देश मे कहा है कि स्कूलों, कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों, प्रशिक्षण और कोचिंग संस्थानों को राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के साथ सलाह के बाद खोला जाएगा. उसमें कहा गया है कि राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश शिक्षण संस्थानों को जुलाई से खोलने के संबंध में अभिभावकों और अन्य संबंधित लोगों के साथ चर्चा कर सकते हैं.  

लॉकडाउन 5.0 में मिलेंगी ये रियायतें:

-8 जून के होटल और मॉल खुलेंगे.
-एक से दूसरे राज्य में जाने के लिए पास की जरूरत नहीं है.
-दूसरे चरण में स्कूल कॉलेज इंस्टीट्यूट खोले जाएंगे.
स्कूल-कॉलेज खोलने का फैसला राज्य सरकारों पर छोड़ा गया.
-देशभर में कहीं भी आने जाने पर रोक नहीं.

ये पाबंदियां जारी रहेंगी:

- दिल्ली मेट्रो फिलहाल नहीं चलेगी
- रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू जारी रहेगा.
- विदेश यात्रा पर पाबंदी जारी रहेगी.
- अंतिम संस्कार में 20 लोग ही शामिल हो सकेंगे.
- दुकानों पर सिर्फ 5 लोग एक साथ सामान ले सकेंगे.
- सिनेमा हॉल, जिम और स्वीमिंग पूल बंद रहेंगे. 


ट्रंप ने चीन के छात्रों और शोधकर्ताओं के प्रवेश पर लगाया प्रतिबंध, जानें वजह

कोरोना वायरस की महामारी से अमेरिका काफी ज्यादा प्रभावित हुआ है. इसके बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते काफी खराब हो गए हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने देश में चीन के छात्रों के अध्ययन पर रोक लगा दी है. इसके पीछे की वजह भी उन्होंने बताई है.
चीन से दुनियाभर में फैली कोरोना महामारी ने सबसे ज्यादा अमेरिका को नुकसान पहुंचाया है. जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप चीन पर लगातार वार करते दिख रहे हैं. ट्रंप को कोरोना वायरस को 'चीनी वायरस' कहते हुए भी सुना गया. इस बीच अब राष्ट्रपति ट्रंप ने सख्त कदम उठाते हुए अमेरिका में चीनी छात्रों और शोधकर्ताओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है.

क्या है इस बैन की वजह?

ट्रंप का कहना है कि उन्होंने चीन के पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से संबंध रखने वाले छात्रों और शोधकर्ताओं को देश में आने और किसी भी तरह की शिक्षा ग्रहण करने से रोक लगाई है. उनका कहना है कि अमेरिका से बौद्धिक संपदा और प्रौद्योगिकी हासिल करने के लिए चीन की पीएलए स्नातक छात्रों का इस्तेमाल कर रही थी. इसे रोकने के लिए उन्होंने यह सख्त कदम उठाया है.
हालांकि, माना जा रहा है कि चीन से फैली कोरोना वायरस की महामारी, हांगकांग में की गई बीजिंग की कार्रवाई और विवादित दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों को लेकर अमेरिका काफी नाराज चल रहा है. इससे तंग आकर डोनाल्ड ट्रंप ने यह कदम उठाया है.

शुक्रवार को घोषणा करते हुए ट्रंप ने कहा, ''चीन ने अपने विशाल पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के आधुनिकीकरण के लिए संवेदनशील अमेरिकी प्रौद्योगिकियों और बौद्धिक संपदा का अधिग्रहण करने के लिए एक व्यापक रूप से अभियान में चला रखा है.''

अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार चीन की इन नीतियों को रोकना जरुरी है, अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो अमेरिका को आने वाले समय में आर्थिक शक्ति के रूप में काफी नुकसान हो सकता है. उनके मुताबिक, चीन की पीएलए बौद्धिक संपदा को बढ़ाने के लिए परास्नातक और शोधकर्ताओं का इस्तेमाल कर रही है. जिसे देखते हुए उन्होंने अमेरिका में पढ़ाई या शोध करने के लिए 'एफ-1' या 'जे-1' वीजा मांगने वाले कुछ चीनी नागरिकों का प्रवेश को अमेरिका के हितों के लिए खतरनाक बताते हुए रोक दिया है.

ट्रंप के उठाए गए इस कदम पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा, ''इस तरह के फैसले से दोनों के बीच आपसी रिश्ते काफी हद तक खराब हो सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह अमेरिका में चीनी छात्रों के कानूनी अधिकारों का उल्लंघन न करें.''

Hindu organisation ISKCON files police complaint against stand-up comedian Surleen Kaur and Shemaroo :

Hindu organisation ISKCON files police complaint against stand-up comedian Surleen Kaur and Shemaroo for derogatory comments against its devotees and Hindus, rejects public apology by the company. ‘Enough is enough’ it says 

There is an increasing tendency nowadays to malign Sanatan Dharma and use derogatory slurs and comments in the name of comedy. In another such incident, a video was doing rounds on social media, albeit for the wrong reason, in which a stand-up comic Surleen Kaur can be heard using derogatory comments for the followers of ISKCON (International Society for Krishna Consciousness) and ancient hindu saints.

The video was published by the company ‘Shemaroo’ on different social media sites, YouTube channel, company’s official website etc.

Condemning the incident, Radharamn Das, Vice President and Spokesperson ISKCON, informed on twitter that ISKCON has lodged a complaint against actress and stand-up comic Surleen Kaur and entertainment company Shemaroo for insulting the organisation and Hindus.

He said, “This is very unfortunate that there has been narrative building against the followers of Sanatan Dharma on different platforms.”


In the complaint addressed to Mumbai Police, the organisation wrote that the language used by Kaur is highly objectionable and defamatory, and it has caused great pain to the followers of Sanatan Dharma, Hindus and ISKCON worldwide devotees.

“There is a hidden propaganda and conspiracy to defame Sanatan Dharma, our Rishi Munis so that the youths can be easily manipulated. Through app’s like Tik-Tok etc the focus of the foreign power’s is to destroy the character of the masses so that country can be easily controlled & destroyed. We can learn this from the example of China itself. When the ancient Chinese decided to live in peace, they made the great wall of china, they thought no one can climb it due to its height”, the letter further added.

Notably, the video was published over a month ago and gained traction in the last couple of days. After facing uproar over publishing the video, Shemaroo Entertainment Ltd took to twitter to issue an apology and added that the said video has been deleted.

Das, however, replied, “ We don't accept your apology @ShemarooEnt. We will proceed legally against you, @BalrajSyal & Surleen Kaur. This has become a trend to demean Sanatan Dharma. No more. We will make an example out of this nonsense. Enough is enough. ”


Friday, 29 May 2020

On India-China dispute in Ladakh: Opposition's political game

       On India-China dispute in Ladakh:
            Opposition's political game


India is responding politically to China, India has increased its military power in Ladakh. Due to the increasing pressure, now China says that this dispute should be resolved peacefully.

But India's opposition parties have now started doing politics on the situation in East Ladakh as in the time of Doklam.

In this case, for the pressure on the government, the statement has been issued by Congress leaders. After which Union Minister Ravi Shankar Prasad said that no one can show the eye to India.

 
India's growing stature towards the world and India's claim to PoK and Aksai-China on the other hand. Due to which there is a dispute between China and India. China has built a base near the border regions of eastern Ladakh. Due to which the Indian Army is on alert.






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